2 नवंबर को अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति बैठक पत्रकार सुरक्षा कानून विधेयक में संसोधन एवं पत्रकारिता संरक्षण, अन्य राज्यों से आये पत्रकारों किया जाएगा सम्मानित ।

बिलासपुर – पत्रकारिता संरक्षण एवं पत्रकार सुरक्षा कानून विधेयक पर संसोधन पर संगोष्ठी के साथ छत्तीसगढ़ के आलावा अन्य राज्यों से आये पत्रकारों का सम्मान अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ न्यायधानी बिलासपुर में 2 नवंबर की स्व लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में करने जा रहा हैं ।

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर ने आज अपनी स्थापना की तीसरी वर्षगांठ बड़े उत्साह और भावनात्मक माहौल में मनाई

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल ने मनाई अपनी तीसरी वर्षगांठ — सेवा, संवेदना और विश्वास का सफर जारीरायपुर, 29 अक्टूबर 2025।उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर ने आज अपनी स्थापना की तीसरी वर्षगांठ बड़े उत्साह और भावनात्मक माहौल में मनाई। पिछले तीन वर्षों में इस संस्थान ने चिकित्सा सेवा, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।समारोह का आयोजन हॉस्पिटल परिसर में भव्य रूप से किया गया, जिसमें वरिष्ठ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारी, मरीजों के परिजन और अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।मेडिकल डायरेक्टर, डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा, “तीन वर्षों की यह यात्रा हमारे सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों के विश्वास से प्रेरित रही है। हमने हर दिन ‘क्वालिटी हेल्थकेयर विथ कम्पैशन को अपना मंत्र माना है। ICU, कार्डियक केयर, प्रसूति विभाग, और इमरजेंसी यूनिट में हमने लगातार तकनीकी और मानवीय सुधार किए हैं।”प्रबंध निदेशक श्रीमती नम्रता सिंह ने अस्पताल की यात्रा को याद करते हुए कहा,“उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल का निर्माण सिर्फ एक इमारत के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदना के रूप में हुआ है। तीन वर्षों की इस यात्रा में हमने हर वर्ग के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का प्रयास किया है। हमारी प्राथमिकता हमेशा से ‘मरीज केंद्रित देखभाल और ‘मानवीय स्पर्श रही है।”उन्होंने आगे कहा कि आने वाले वर्ष में अस्पताल अपने विस्तार के साथ-साथ उच्च तकनीकी सेवाओं की शुरुआत करने जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को और सही ईलाज़ मिल सकेगा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय मिल सकेगी।सम्मान एवं भविष्य की योजनाएँ:समारोह के दौरान उन डॉक्टरों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अस्पताल की प्रगति में विशेष योगदान दिया। इस अवसर पर केक काटकर वर्षगांठ का उत्सव मनाया गया।समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। पूरे आयोजन का माहौल उत्साह, कृतज्ञता और गर्व से भरा हुआ था — जो उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल की टीम भावना और मरीजों के प्रति समर्पण को प्रदर्शित करता है।

क्राइम ब्रांच का जवान सस्पेंड, रायपुर पुलिस में मचा हड़कंप, जब रक्षक ही बन जाते है भक्षक

राजधानी रायपुर की क्राइम ब्रांच पर गंभीर आरोप लगे हैं। दुर्ग के एक बिजनेसमैन मयंक गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि क्राइम ब्रांच के पांच अधिकारियों ने चेकिंग के दौरान उनकी कार से ₹2 लाख कैश चुरा लिए। बिजनेसमैन ने मामले की शिकायत दुर्ग SSP से की, जिसके बाद दुर्ग पुलिस ने शिकायत रायपुर SSP को फॉरवर्ड कर दी।घटना के बाद रायपुर SSP ने क्राइम ब्रांच के कांस्टेबल प्रशांत शुक्ला (Prashant Shukla) को सस्पेंड कर दिया और दूसरे संदिग्धों की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम को एक संदिग्ध कार के बारे में जानकारी मिली थी। टीम ने कुम्हारी होते हुए कार का पीछा किया और दुर्ग के पद्मनाभपुर इलाके में पहुंच गई। संदिग्ध कार पुलिस को चकमा दे गई, लेकिन टीम वहीं रुक गई और बिजनेसमैन के घर पहुंच गई। (constable suspended)

बिजनेसमैन मयंक गोस्वामी ने बताया कि वह धमतरी से दुर्ग अपने घर लौटा ही था कि तभी पुलिस की एक गाड़ी उसके पीछे आकर रुकी। टीम ने बिना किसी वॉर्निंग के उसे कार से बाहर निकाला और उसकी तलाशी लेने लगी। टीम में प्रशांत शुक्ला, धनंजय गोस्वामी, प्रमोद वट्टी और अमित समेत पांच कांस्टेबल थे।

constable suspended: बिजनेसमैन ने दुर्ग पुलिस (Chhattisgarh Police) को CCTV फुटेज भी दी है, जिसमें कांस्टेबल प्रशांत शुक्ला को कथित तौर पर कार के पास देखा जा सकता है। बिजनेसमैन का आरोप है कि इस दौरान कार में रखे दो लाख रुपये चोरी हो गए। दुर्ग पुलिस ने रायपुर SSP को रिपोर्ट भेज दी है। इस बीच, इस घटना से रायपुर पुलिस डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया है। जांच चल रही है, और दूसरे पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।

कर्बला तालाब में 15वें वित्त आयोग की राशि से कोटा स्टोन, टाइल्स एवं शेड निर्माण पर रोक की मांग

रायपुर : कर्बला तालाब में 15वें वित्त आयोग की राशी से कोटा स्टोन, टाइल्स एवं शेड निर्माण कार्य रोक की मांग रायपुर, 17 अक्टूबर 2025:रायपुर-गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अध्यक्ष फरीद स्मारक ने कर्बला तालाब में 15वें वित्त आयोग की राशी से कोटा स्टोन, टाइल्स एवं शेड निर्माण कार्य की मांग की है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य वेटलैंड अथॉरिटी ने पहले ही दिनांक 30.09.2025 को कलेक्टर रायपुर और नगर निगम को निर्देशित किया था कि तालाब क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विकास का आह्वान किया जाए और वेटलैंड नियम, 2017 का पालन किया जाए। इसके बावजूद, नगर निगम रायपुर के उपमंडल द्वारा घोषित रूप से बताया गया कि 15वें वित्त आयोग की राशि का कर कोटा स्टोन, 15वें वित्त आयोग के कार्यकारी उपाध्यक्ष हैं। जांच में पाया गया कि कंक्रीट बेस लगाए जा रहे हैं और स्पॉट में शेड के लिए बोल्ट भी लगाए जा रहे हैं। एडाकेट फरीद ने कहा कि यह कार्य 15 वें वित्त आयोग की संरचना और वेटलैंड नियम, 2017 का उल्लंघन है। उन्होंने कलेक्टर, नगर निगम और राज्य वेटलैंड प्राधिकरण से आग्रह किया कि इस पर तुरंत रोक लगाई जाए, जांच की जाए और पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। आम नागरिकों से भी अपील है कि वे पर्यावरण और सार्वजनिक हित की सुरक्षा के लिए बने रहें और इस मामले में प्रशासन द्वारा निर्णय की निगरानी करें।

जनसंपर्क कार्यालय में पत्रकारों से मारपीट, झूठी FIR दर्ज — संवाद अधिकारी संजीव तिवारी पर आरोप ।

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रायपुर। जनसंपर्क कार्यालय संवाद में उस समय हंगामा मच गया जब बुलंद छत्तीसगढ़ समाचार पत्र से जुड़े युवा पत्रकार मनोज पांडे एवं दुलारे अंसारी के साथ संवाद अधिकारी संजीव तिवारी द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया।

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जनसंपर्क कार्यालय में पत्रकारों से मारपीट

घटना के अनुसार, पत्रकार मनोज पांडे, दुलारे अंसारी समाचार पत्र वितरण के लिए जनसंपर्क कार्यालय पहुंचे थे, जहां संजीव तिवारी ने पहले उनसे अभद्र व्यवहार किया और कहा — “जा, जिसे बताना है बता दे, तेरा और तेरे लोगों का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

इसके बाद मनोज पांडे ने घटना की जानकारी अपने सहयोगी पत्रकारों को दी। जब मनोज पांडे और उनके साथी पत्रकार जनसंपर्क कार्यालय संवाद पहुंचे और संजीव तिवारी से केवल यह पूछा कि उन्होंने एक युवा पत्रकार के साथ मारपीट और गाली-गलौज क्यों की, तब तिवारी का गुस्सा और बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संजीव तिवारी ने मनोज पांडे समेत अन्य पत्रकारों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि बाद में जनसंपर्क कार्यालय की ओर से पत्रकारों पर ही झूठी FIR दर्ज करवाई गई, जिससे पत्रकार समुदाय में आक्रोश व्याप्त है।

इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।