रायपुर का कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र तोमर गिरफ्तार, ग्वालियर में घेराबंदी कर दबोचा, आज लाया जाएगा रायपुर

रायपुर: सूदखोरी, रंगदारी, मारपीट और अवैध हथियार रखने के आरोपों में फरार चल रहा कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह तोमर आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। रायपुर पुलिस ने शनिवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में घेराबंदी कर वीरेंद्र तोमर को धर दबोचा है

हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर गिरफ्तार (History Sheeter Virendra Tomar Arrest) बता दें वीरेंद्र सिंह तोमर (Virendra Singh Tomar Arrest) बीते 151 दिनों से फरार था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को सड़क मार्ग से रायपुर ला रही है। मामले में उसका भाई रोहित तोमर अब भी फरार है।जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर एक आदतन अपराधी है, जो अपने छोटे भाई रोहित और अन्य परिवारजनों के साथ मिलकर सूदखोरी का काम करता है। आरोपी कर्ज देने के बाद मूलधन से कई गुना अधिक ब्याज वसूलता था और भुगतान न करने पर मारपीट व धमकी देता था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में आधा दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं, जिनमें उगाही, चाकूबाजी, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट शामिल हैं।(Tomar Brothers Case Raipur)

पांच महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने तेलीबांधा थाने में रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट और धमकी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद रोहित फरार हो गया। रोहित को बचाने के लिए रूबी तोमर ने भी गायब होना शुरू कर दिया। पुलिस जब वीरेंद्र के घर पहुंची तो वहां से अवैध हथियार बरामद हुए, जिसके बाद उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया गया था। वहीं फरार रोहित तोमर की तलाश जारी है।

2 नवंबर को अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति बैठक पत्रकार सुरक्षा कानून विधेयक में संसोधन एवं पत्रकारिता संरक्षण, अन्य राज्यों से आये पत्रकारों किया जाएगा सम्मानित ।

बिलासपुर – पत्रकारिता संरक्षण एवं पत्रकार सुरक्षा कानून विधेयक पर संसोधन पर संगोष्ठी के साथ छत्तीसगढ़ के आलावा अन्य राज्यों से आये पत्रकारों का सम्मान अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ न्यायधानी बिलासपुर में 2 नवंबर की स्व लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में करने जा रहा हैं ।

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर ने आज अपनी स्थापना की तीसरी वर्षगांठ बड़े उत्साह और भावनात्मक माहौल में मनाई

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल ने मनाई अपनी तीसरी वर्षगांठ — सेवा, संवेदना और विश्वास का सफर जारीरायपुर, 29 अक्टूबर 2025।उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, रायपुर ने आज अपनी स्थापना की तीसरी वर्षगांठ बड़े उत्साह और भावनात्मक माहौल में मनाई। पिछले तीन वर्षों में इस संस्थान ने चिकित्सा सेवा, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।समारोह का आयोजन हॉस्पिटल परिसर में भव्य रूप से किया गया, जिसमें वरिष्ठ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, प्रशासनिक अधिकारी, मरीजों के परिजन और अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।मेडिकल डायरेक्टर, डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा, “तीन वर्षों की यह यात्रा हमारे सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों के विश्वास से प्रेरित रही है। हमने हर दिन ‘क्वालिटी हेल्थकेयर विथ कम्पैशन को अपना मंत्र माना है। ICU, कार्डियक केयर, प्रसूति विभाग, और इमरजेंसी यूनिट में हमने लगातार तकनीकी और मानवीय सुधार किए हैं।”प्रबंध निदेशक श्रीमती नम्रता सिंह ने अस्पताल की यात्रा को याद करते हुए कहा,“उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल का निर्माण सिर्फ एक इमारत के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदना के रूप में हुआ है। तीन वर्षों की इस यात्रा में हमने हर वर्ग के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का प्रयास किया है। हमारी प्राथमिकता हमेशा से ‘मरीज केंद्रित देखभाल और ‘मानवीय स्पर्श रही है।”उन्होंने आगे कहा कि आने वाले वर्ष में अस्पताल अपने विस्तार के साथ-साथ उच्च तकनीकी सेवाओं की शुरुआत करने जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को और सही ईलाज़ मिल सकेगा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय मिल सकेगी।सम्मान एवं भविष्य की योजनाएँ:समारोह के दौरान उन डॉक्टरों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अस्पताल की प्रगति में विशेष योगदान दिया। इस अवसर पर केक काटकर वर्षगांठ का उत्सव मनाया गया।समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। पूरे आयोजन का माहौल उत्साह, कृतज्ञता और गर्व से भरा हुआ था — जो उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल की टीम भावना और मरीजों के प्रति समर्पण को प्रदर्शित करता है।

क्राइम ब्रांच का जवान सस्पेंड, रायपुर पुलिस में मचा हड़कंप, जब रक्षक ही बन जाते है भक्षक

राजधानी रायपुर की क्राइम ब्रांच पर गंभीर आरोप लगे हैं। दुर्ग के एक बिजनेसमैन मयंक गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि क्राइम ब्रांच के पांच अधिकारियों ने चेकिंग के दौरान उनकी कार से ₹2 लाख कैश चुरा लिए। बिजनेसमैन ने मामले की शिकायत दुर्ग SSP से की, जिसके बाद दुर्ग पुलिस ने शिकायत रायपुर SSP को फॉरवर्ड कर दी।घटना के बाद रायपुर SSP ने क्राइम ब्रांच के कांस्टेबल प्रशांत शुक्ला (Prashant Shukla) को सस्पेंड कर दिया और दूसरे संदिग्धों की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम को एक संदिग्ध कार के बारे में जानकारी मिली थी। टीम ने कुम्हारी होते हुए कार का पीछा किया और दुर्ग के पद्मनाभपुर इलाके में पहुंच गई। संदिग्ध कार पुलिस को चकमा दे गई, लेकिन टीम वहीं रुक गई और बिजनेसमैन के घर पहुंच गई। (constable suspended)

बिजनेसमैन मयंक गोस्वामी ने बताया कि वह धमतरी से दुर्ग अपने घर लौटा ही था कि तभी पुलिस की एक गाड़ी उसके पीछे आकर रुकी। टीम ने बिना किसी वॉर्निंग के उसे कार से बाहर निकाला और उसकी तलाशी लेने लगी। टीम में प्रशांत शुक्ला, धनंजय गोस्वामी, प्रमोद वट्टी और अमित समेत पांच कांस्टेबल थे।

constable suspended: बिजनेसमैन ने दुर्ग पुलिस (Chhattisgarh Police) को CCTV फुटेज भी दी है, जिसमें कांस्टेबल प्रशांत शुक्ला को कथित तौर पर कार के पास देखा जा सकता है। बिजनेसमैन का आरोप है कि इस दौरान कार में रखे दो लाख रुपये चोरी हो गए। दुर्ग पुलिस ने रायपुर SSP को रिपोर्ट भेज दी है। इस बीच, इस घटना से रायपुर पुलिस डिपार्टमेंट में हड़कंप मच गया है। जांच चल रही है, और दूसरे पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है।

बेंगलुरु की यमास वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड पर करोड़ों के घोटाले का आरोप ।

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बेंगलुरु स्थित कंपनी यमास वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड (CIN: U74999KA2022PTC169030) पर आर्थिक अनियमितताओं और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोपों के अनुसार, कंपनी के निदेशक सुरैया सिद्दीकी (DIN: 10355463) और अब्दुल जलील (DIN: 09824752) पर आरोप है कि उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों को ठगने, तथा GST बिलों के माध्यम से सरकारी राजस्व की चोरी करने जैसी गतिविधियों में संलिप्तता दिखाई है।

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सूत्रों के अनुसार, कंपनी द्वारा जारी किए गए GST बिलों से प्राप्त राशि को कंपनी के आधिकारिक खाते में जमा करने के बजाय, निदेशकों ने अपने निजी खातों में स्थानांतरित कर लिया और उन पैसों का उपयोग निजी खर्चों में किया गया।

इन लेनदेन में कंपनी अधिनियम, 2013 की कई धाराओं तथा जीएसटी अधिनियम, 2017 के प्रावधानों का उल्लंघन होने की आशंका जताई जा रही है।

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला धोखाधड़ी, कर चोरी और विश्वासघात की श्रेणी में आएगा, जिसके लिए कंपनी कानून और भारतीय दंड संहिता (IPC) के अंतर्गत कठोर दंड का प्रावधान है। स्थानीय नागरिकों ने सरकार और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBIC) से मांग की है कि इस कंपनी के सभी वित्तीय लेनदेन और GST रिटर्न की फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके। यमास वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2022 में की गई थी। कंपनी का पंजीकरण बेंगलुरु (कर्नाटक) में हुआ था और इसका उद्देश्य वेलनेस, फिटनेस तथा लाइफस्टाइल से जुड़ी सेवाएँ प्रदान करना बताया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कंपनी ने अपने व्यावसायिक उद्देश्य से हटकर लोगों को निवेश या सेवाओं के नाम पर धोखा देकर धनराशि वसूल की है।