जनसंपर्क कार्यालय में पत्रकारों से मारपीट, झूठी FIR दर्ज — संवाद अधिकारी संजीव तिवारी पर आरोप ।

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रायपुर। जनसंपर्क कार्यालय संवाद में उस समय हंगामा मच गया जब बुलंद छत्तीसगढ़ समाचार पत्र से जुड़े युवा पत्रकार मनोज पांडे एवं दुलारे अंसारी के साथ संवाद अधिकारी संजीव तिवारी द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया।

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जनसंपर्क कार्यालय में पत्रकारों से मारपीट

घटना के अनुसार, पत्रकार मनोज पांडे, दुलारे अंसारी समाचार पत्र वितरण के लिए जनसंपर्क कार्यालय पहुंचे थे, जहां संजीव तिवारी ने पहले उनसे अभद्र व्यवहार किया और कहा — “जा, जिसे बताना है बता दे, तेरा और तेरे लोगों का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

इसके बाद मनोज पांडे ने घटना की जानकारी अपने सहयोगी पत्रकारों को दी। जब मनोज पांडे और उनके साथी पत्रकार जनसंपर्क कार्यालय संवाद पहुंचे और संजीव तिवारी से केवल यह पूछा कि उन्होंने एक युवा पत्रकार के साथ मारपीट और गाली-गलौज क्यों की, तब तिवारी का गुस्सा और बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संजीव तिवारी ने मनोज पांडे समेत अन्य पत्रकारों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि बाद में जनसंपर्क कार्यालय की ओर से पत्रकारों पर ही झूठी FIR दर्ज करवाई गई, जिससे पत्रकार समुदाय में आक्रोश व्याप्त है।

इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बेंगलुरु की यमास वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड पर करोड़ों के घोटाले का आरोप ।

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बेंगलुरु स्थित कंपनी यमास वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड (CIN: U74999KA2022PTC169030) पर आर्थिक अनियमितताओं और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोपों के अनुसार, कंपनी के निदेशक सुरैया सिद्दीकी (DIN: 10355463) और अब्दुल जलील (DIN: 09824752) पर आरोप है कि उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों को ठगने, तथा GST बिलों के माध्यम से सरकारी राजस्व की चोरी करने जैसी गतिविधियों में संलिप्तता दिखाई है।

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सूत्रों के अनुसार, कंपनी द्वारा जारी किए गए GST बिलों से प्राप्त राशि को कंपनी के आधिकारिक खाते में जमा करने के बजाय, निदेशकों ने अपने निजी खातों में स्थानांतरित कर लिया और उन पैसों का उपयोग निजी खर्चों में किया गया।

इन लेनदेन में कंपनी अधिनियम, 2013 की कई धाराओं तथा जीएसटी अधिनियम, 2017 के प्रावधानों का उल्लंघन होने की आशंका जताई जा रही है।

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला धोखाधड़ी, कर चोरी और विश्वासघात की श्रेणी में आएगा, जिसके लिए कंपनी कानून और भारतीय दंड संहिता (IPC) के अंतर्गत कठोर दंड का प्रावधान है। स्थानीय नागरिकों ने सरकार और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBIC) से मांग की है कि इस कंपनी के सभी वित्तीय लेनदेन और GST रिटर्न की फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके। यमास वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2022 में की गई थी। कंपनी का पंजीकरण बेंगलुरु (कर्नाटक) में हुआ था और इसका उद्देश्य वेलनेस, फिटनेस तथा लाइफस्टाइल से जुड़ी सेवाएँ प्रदान करना बताया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कंपनी ने अपने व्यावसायिक उद्देश्य से हटकर लोगों को निवेश या सेवाओं के नाम पर धोखा देकर धनराशि वसूल की है।

प्रजातांत्रिक कृषक दल’ के नाम पर ठगी का खुलासा, राष्ट्रीय अध्यक्ष पर गंभीर आरोप, रायपुर में फर्जी नियुक्ति रैकेट

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पीड़िता ने गंभीर अपराध लगाया
प्रजातांत्रिक कृषक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दी जान से मारने की धमकी
प्रजातांत्रिक कृषक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्तिकेय शुक्ला

रायपुर
शहर में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। राहुल मिश्रा नामक व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट किया था, जिसके बाद स्वयं को प्रजातांत्रिक कृषक दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताने वाले कार्तिक शुक्ला ने उन्हें फोन कर अभद्र भाषा और गाली-गलौज किया।
राहुल मिश्रा ने इस संबंध में अपनी शिकायत थाना गुढ़ियारी में दर्ज कराई है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कार्तिक शुक्ला के साथ के.के. साहू और हेमंत साहू नामक लोग जुड़े हुए हैं, जो एक संगठन के माध्यम से लोगों को झांसा देते हैं कि वे उनकी सरकारी नौकरी रेलवे, वन विभाग, खाद्य विभाग सहित अन्य सरकारी संस्थानों में लगवा देंगे।
पीड़ितों से बातचीत में यह सामने आया कि इन लोगों द्वारा कई लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर मोटी रकम वसूली गई है।
आज इस प्रकरण से जुड़े एक पीड़ित ने सीधे रायपुर पुलिस कार्यालय पहुँचकर अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया है और पीड़ित लोग अब आगे आकर प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।

नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का जाल, पीड़ित ने रायपुर पुलिस में दर्ज कराई शिकायत ।

फर्जी राजनीतिक संगठन के बहाने बेरोज़गारों से ठगी, गाली-गलौज की शिकायत भी दर्ज ।

रेलवे–वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा, युवाओं से लाखों की ठगी का आरोप ।

नाबालिग दृष्टिहीन से दुष्कर्म:सूरजपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया कठोर फैसला सौतेले पिता और नाना को अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा

सूरजपुर । जिला फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने एक दिल दहलाने वाले मामले में दृष्टिहीन नाबालिग लड़की से बार-बार दुष्कर्म के दोषी सौतेले पिता वंशलाल और रिश्ते में नाना धर्मेंद्र गुर्जर को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उक्ताशय पर प्राप्त जानकारी अनुसार जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने सौतेले पिता वंशलाल को 2022 से 2024 तक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का दोषी पाते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, रिश्ते में नाना धर्मेंद्र गुर्जर ने 9 जुलाई 2024 को नाबालिग की दिव्यांगता का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे भी पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और धारा 127 बी.एन.एस. के तहत अंतिम सांस तक आजीवन कारावास, 1000 रुपये जुर्माना, साथ ही धारा 127 बी.एन.एस. के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपये अतिरिक्त जुर्माने की सजा दी गई।शासन की ओर से अधिवक्ता नरेश कौशिक ने प्रभावी पैरवी कर दोनों दोषियों को कठोर सजा दिलाई। बहरहाल न्यायालय का यह फैसला समाज में एक सशक्त संदेश देता है कि मासूमों और असहाय लोगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, खासकर तब जब अपराधी परिवार के संरक्षक की भूमिका में हों। शासन की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री नरेश कौशिक ने इस मामले की मजबूती से पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों दोषियों को कठोर सजा सुनाई गई। कुलमिलाकर यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज को यह भी चेतावनी देता है कि ऐसे घिनौने अपराधों के खिलाफ कानून की सख्ती से निपटा जाएगा।

हरेली पर्व पर नीम व गुलमोहर का पौधारोपण,अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन वाय.डी.सी.

जामुल, भिलाई | छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार हरेली के पावन अवसर पर आज अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन वाय.डी.सी. तथा तर्पण मुक्तिधाम पर्यावरण सेवा संरक्षण परिषद के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी पहल की गई।

कार्यक्रम के अंतर्गत जामुल मुक्तिधाम मार्ग स्थित ढऊर तालाब पार क्षेत्र में नीम एवं गुलमोहर के पौधे रोपे गए। इन पौधों की सुरक्षा हेतु एक अभिनव विचार को साकार करते हुए मृतकों को मुक्तिधाम तक लाने के लिए उपयोग में लाई गई बांस की अर्थियों से ट्री गार्ड तैयार कर लगाए गए, जिससे पौधों को सुरक्षित वातावरण मिल सके और वे वृक्ष के रूप में विकसित हो सकें।

इस मौके पर संस्था के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से श्री बंशी साहू, विष्णु सिन्हा, ओमप्रकाश साहू, शत्रुघ्न साहू, संतोष चौरसिया, नूतन वर्मा, डॉ. सुखराम साहू, धर्मेंद्र वर्मा, हेमराम साहू, कृष्णा यादव और कैलाश निर्मलकर शामिल थे।

संस्था के डायरेक्टर एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री सरस बर्मन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ महतारी को नमन करते हुए प्रदेश में हरियाली और समृद्धि की कामना के साथ आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ परंपराओं के सम्मान को भी इस पहल से जोड़ा गया है, जो एक प्रेरणास्पद कदम है।

मानव अधिकारों के संरक्षण, युवाओं के विकास, पर्यावरण सुरक्षा, शिक्षा, सामाजिक न्याय और जनजागरूकता अभियानों के लिए कार्य करता है।

👉 YDC का उद्देश्य:

  1. मानव अधिकारों की रक्षा और उनके उल्लंघन के विरुद्ध आवाज उठाना।
  2. युवाओं को सशक्त बनाना – शिक्षा, नेतृत्व विकास और सामाजिक कार्यों के माध्यम से।
  3. पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए वृक्षारोपण, स्वच्छता और हरियाली अभियान।
  4. नशामुक्ति, बाल विवाह, लैंगिक समानता जैसे सामाजिक मुद्दों पर जनजागरूकता फैलाना।
  5. पीड़ितों को कानूनी सहायता और परामर्श देना।

👉 YDC की प्रमुख गतिविधियाँ:

  • मानवाधिकार विषयों पर कार्यशालाएँ और सेमिनार
  • पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण अभियान
  • गरीब और वंचित वर्ग के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सहायता कार्यक्रम
  • महिला और बाल अधिकारों के लिए प्रचार-प्रसार

👉 संगठन की विशेषताएं:

  • गैर-राजनीतिक और गैर-लाभकारी संगठन
  • युवा नेतृत्व पर आधारित ढांचा
  • स्थानीय, राष्ट्रीय और कभी-कभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक सहभागिता