धर्म की आड़ में अवैध प्लाटिंग का खेल! भू-माफिया बसंत अग्रवाल का खुला राज़, शासन-प्रशासन तक को साधने की कोशिश

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रायपुर। धर्म और आस्था की आड़ में भू-माफिया बसंत अग्रवाल ने रायपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग का ऐसा साम्राज्य खड़ा कर लिया है, जिसने शासन और प्रशासन दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। भारतीय संत सनातन धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष राहुल तिवारी ने साथी पदाधिकारियों के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता रायपुर प्रेस क्लब में कर बसंत अग्रवाल के खिलाफ चौंकाने वाले खुलासे किए।आरोप है कि खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताने वाला बसंत अग्रवाल पिछले 10 वर्षों में मेटल पार्क, सोडारा, धरसीवा, बिरगांव, गोगांव, उरला, उरकुरा और तेमरी इलाके में करोड़ों की जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर चुका है। सूत्रों के अनुसार, 13 एकड़ का आलीशान फार्म हाउस और अनगिनत प्लॉटिंग प्रोजेक्ट्स बगैर किसी अनुमति और रेरा-टीएनसी की स्वीकृति के चलाए गए हैं।धार्मिक आयोजनों से बचाता है अपनी गंदगीप्रेस वार्ता में बताया गया कि बसंत अग्रवाल अपनी गड़बड़ियों से बचने के लिए बड़े-बड़े धार्मिक आयोजनों का सहारा लेता है। दो बार वह पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम करा चुका है, लेकिन आज तक इन आयोजनों का आय-व्यय न तो शासन को और न ही आयकर विभाग को बताया गया। सवाल उठता है कि करोड़ों का चढ़ावा कहां गया?सत्ता के रंग बदलता है बसंत अग्रवालकांग्रेस की सरकार में कांग्रेस के मुख्यमंत्री-मंत्रियों को बुलाना और भाजपा की सरकार आते ही खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताकर सत्ता के रसूख का फायदा उठाना – यही बसंत अग्रवाल की असली चाल है। वह खुद को विधायक-मंत्री से बड़ा बताने तक से नहीं हिचकता।अवैध कब्जे और किसानों से ठगी के आरोपबसंत अग्रवाल के खिलाफ रायपुर के अलग-अलग थानों में दर्जनों शिकायतें पेंडिंग हैं। हाल ही में तेलीबांधा थाना क्षेत्र में व्यापारी से गाली-गलौज और जमीन पर अवैध कब्जे का मामला दर्ज हुआ। यही नहीं, सैकड़ों किसानों से जमीन का एग्रीमेंट कर टोकन ले लेना और फिर सालों रजिस्ट्री न कराकर किसानों का पैसा दबाना, यह भी उसके कारनामों में शामिल है। किसान जब अपना हक मांगते हैं तो बसंत अपनी “ऊंची पहुंच” और “राजनीतिक रसूख” का डर दिखाता है।जनता के सामने बड़ा सवालजिस तरह पहले वीरेंद्र तोमर ने गंगा आरती के नाम पर भोली जनता को ठगा था, उसी तर्ज पर बसंत अग्रवाल भी धर्म की आड़ में अपने काले कारनामों को ढकने की साजिश कर रहा है।अब सवाल यह है किअवैध प्लाटिंग और करोड़ों की टैक्स चोरी पर शासन-प्रशासन खामोश क्यों है?आयकर विभाग अब तक बसंत अग्रवाल की जांच क्यों नहीं कर रहा?जनता और किसानों से लूट कर बने साम्राज्य को कब ढहाया जाएगा?सनातन धर्म रक्षा संघ ने ऐलान किया है कि वे आयकर आयुक्त से मिलकर बसंत अग्रवाल के कार्यक्रमों की पूरी आय-व्यय जानकारी मांगेंगे और उसके अवैध प्लॉटिंग साम्राज्य की जांच कराने पर जोर देंगे।

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