पूर्व गृहमंत्री का तीखा रुख, कोरबा कलेक्टर के खिलाफ धरने का ऐलान

रायपुर, 27 सितंबर। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने कोरबा जिले के कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने की मांग को लेकर तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास रायपुर के सामने धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया है।कलेक्टर हटाने की मांगननकीराम कंवर ने 22 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कलेक्टर अजीत वसंत पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर तीन दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरने पर बैठेंगे।4 अक्टूबर को धरनाचेतावनी के तीन दिन बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर ननकीराम कंवर ने अब 4 अक्टूबर को अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री निवास के सामने धरने पर बैठने का ऐलान किया।पत्र में उठाए गए आरोपपूर्व गृहमंत्री ने पत्र में लिखा कि उनके द्वारा पहले किए गए शिकायतों के बावजूद कोरबा कलेक्टर की कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है और मुख्यमंत्री को वास्तविक जानकारी से गुमराह रखा गया है।ननकीराम कंवर ने अपने पत्र में पिछली कार्यवाहियों और घोटालों का भी उल्लेख किया, जिसमें पी.एस.सी. परीक्षा घोटाला, शराब घोटाला, सी.जी.एम.एस.सी. दवाई खरीदी घोटाला, कोयला घोटाला और अन्य शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोरबा कलेक्टर भ्रष्टाचार को छिपाने में उच्च अधिकारियों का सहयोग पा रहा है।राजनीतिक और प्रशासनिक हलचलपूर्व गृहमंत्री का यह कदम छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल पैदा कर सकता है। धरने के दिन प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की भी सतर्कता बढ़ाई जाएगी।

धर्म की आड़ में अवैध प्लाटिंग का खेल! भू-माफिया बसंत अग्रवाल का खुला राज़, शासन-प्रशासन तक को साधने की कोशिश

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रायपुर। धर्म और आस्था की आड़ में भू-माफिया बसंत अग्रवाल ने रायपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग का ऐसा साम्राज्य खड़ा कर लिया है, जिसने शासन और प्रशासन दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। भारतीय संत सनातन धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष राहुल तिवारी ने साथी पदाधिकारियों के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता रायपुर प्रेस क्लब में कर बसंत अग्रवाल के खिलाफ चौंकाने वाले खुलासे किए।आरोप है कि खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताने वाला बसंत अग्रवाल पिछले 10 वर्षों में मेटल पार्क, सोडारा, धरसीवा, बिरगांव, गोगांव, उरला, उरकुरा और तेमरी इलाके में करोड़ों की जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर चुका है। सूत्रों के अनुसार, 13 एकड़ का आलीशान फार्म हाउस और अनगिनत प्लॉटिंग प्रोजेक्ट्स बगैर किसी अनुमति और रेरा-टीएनसी की स्वीकृति के चलाए गए हैं।धार्मिक आयोजनों से बचाता है अपनी गंदगीप्रेस वार्ता में बताया गया कि बसंत अग्रवाल अपनी गड़बड़ियों से बचने के लिए बड़े-बड़े धार्मिक आयोजनों का सहारा लेता है। दो बार वह पंडित प्रदीप मिश्रा और बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम करा चुका है, लेकिन आज तक इन आयोजनों का आय-व्यय न तो शासन को और न ही आयकर विभाग को बताया गया। सवाल उठता है कि करोड़ों का चढ़ावा कहां गया?सत्ता के रंग बदलता है बसंत अग्रवालकांग्रेस की सरकार में कांग्रेस के मुख्यमंत्री-मंत्रियों को बुलाना और भाजपा की सरकार आते ही खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताकर सत्ता के रसूख का फायदा उठाना – यही बसंत अग्रवाल की असली चाल है। वह खुद को विधायक-मंत्री से बड़ा बताने तक से नहीं हिचकता।अवैध कब्जे और किसानों से ठगी के आरोपबसंत अग्रवाल के खिलाफ रायपुर के अलग-अलग थानों में दर्जनों शिकायतें पेंडिंग हैं। हाल ही में तेलीबांधा थाना क्षेत्र में व्यापारी से गाली-गलौज और जमीन पर अवैध कब्जे का मामला दर्ज हुआ। यही नहीं, सैकड़ों किसानों से जमीन का एग्रीमेंट कर टोकन ले लेना और फिर सालों रजिस्ट्री न कराकर किसानों का पैसा दबाना, यह भी उसके कारनामों में शामिल है। किसान जब अपना हक मांगते हैं तो बसंत अपनी “ऊंची पहुंच” और “राजनीतिक रसूख” का डर दिखाता है।जनता के सामने बड़ा सवालजिस तरह पहले वीरेंद्र तोमर ने गंगा आरती के नाम पर भोली जनता को ठगा था, उसी तर्ज पर बसंत अग्रवाल भी धर्म की आड़ में अपने काले कारनामों को ढकने की साजिश कर रहा है।अब सवाल यह है किअवैध प्लाटिंग और करोड़ों की टैक्स चोरी पर शासन-प्रशासन खामोश क्यों है?आयकर विभाग अब तक बसंत अग्रवाल की जांच क्यों नहीं कर रहा?जनता और किसानों से लूट कर बने साम्राज्य को कब ढहाया जाएगा?सनातन धर्म रक्षा संघ ने ऐलान किया है कि वे आयकर आयुक्त से मिलकर बसंत अग्रवाल के कार्यक्रमों की पूरी आय-व्यय जानकारी मांगेंगे और उसके अवैध प्लॉटिंग साम्राज्य की जांच कराने पर जोर देंगे।

प्रजातांत्रिक कृषक दल’ के नाम पर ठगी का खुलासा, राष्ट्रीय अध्यक्ष पर गंभीर आरोप, रायपुर में फर्जी नियुक्ति रैकेट

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पीड़िता ने गंभीर अपराध लगाया
प्रजातांत्रिक कृषक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दी जान से मारने की धमकी
प्रजातांत्रिक कृषक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्तिकेय शुक्ला

रायपुर
शहर में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। राहुल मिश्रा नामक व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट किया था, जिसके बाद स्वयं को प्रजातांत्रिक कृषक दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताने वाले कार्तिक शुक्ला ने उन्हें फोन कर अभद्र भाषा और गाली-गलौज किया।
राहुल मिश्रा ने इस संबंध में अपनी शिकायत थाना गुढ़ियारी में दर्ज कराई है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कार्तिक शुक्ला के साथ के.के. साहू और हेमंत साहू नामक लोग जुड़े हुए हैं, जो एक संगठन के माध्यम से लोगों को झांसा देते हैं कि वे उनकी सरकारी नौकरी रेलवे, वन विभाग, खाद्य विभाग सहित अन्य सरकारी संस्थानों में लगवा देंगे।
पीड़ितों से बातचीत में यह सामने आया कि इन लोगों द्वारा कई लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर मोटी रकम वसूली गई है।
आज इस प्रकरण से जुड़े एक पीड़ित ने सीधे रायपुर पुलिस कार्यालय पहुँचकर अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है।
इस पूरे मामले ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया है और पीड़ित लोग अब आगे आकर प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।

नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का जाल, पीड़ित ने रायपुर पुलिस में दर्ज कराई शिकायत ।

फर्जी राजनीतिक संगठन के बहाने बेरोज़गारों से ठगी, गाली-गलौज की शिकायत भी दर्ज ।

रेलवे–वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा, युवाओं से लाखों की ठगी का आरोप ।

नाबालिग दृष्टिहीन से दुष्कर्म:सूरजपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया कठोर फैसला सौतेले पिता और नाना को अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा

सूरजपुर । जिला फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने एक दिल दहलाने वाले मामले में दृष्टिहीन नाबालिग लड़की से बार-बार दुष्कर्म के दोषी सौतेले पिता वंशलाल और रिश्ते में नाना धर्मेंद्र गुर्जर को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस जघन्य अपराध ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। उक्ताशय पर प्राप्त जानकारी अनुसार जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत ने सौतेले पिता वंशलाल को 2022 से 2024 तक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का दोषी पाते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, रिश्ते में नाना धर्मेंद्र गुर्जर ने 9 जुलाई 2024 को नाबालिग की दिव्यांगता का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे भी पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और धारा 127 बी.एन.एस. के तहत अंतिम सांस तक आजीवन कारावास, 1000 रुपये जुर्माना, साथ ही धारा 127 बी.एन.एस. के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपये अतिरिक्त जुर्माने की सजा दी गई।शासन की ओर से अधिवक्ता नरेश कौशिक ने प्रभावी पैरवी कर दोनों दोषियों को कठोर सजा दिलाई। बहरहाल न्यायालय का यह फैसला समाज में एक सशक्त संदेश देता है कि मासूमों और असहाय लोगों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, खासकर तब जब अपराधी परिवार के संरक्षक की भूमिका में हों। शासन की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री नरेश कौशिक ने इस मामले की मजबूती से पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों दोषियों को कठोर सजा सुनाई गई। कुलमिलाकर यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज को यह भी चेतावनी देता है कि ऐसे घिनौने अपराधों के खिलाफ कानून की सख्ती से निपटा जाएगा।

हरेली पर्व पर नीम व गुलमोहर का पौधारोपण,अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन वाय.डी.सी.

जामुल, भिलाई | छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्यौहार हरेली के पावन अवसर पर आज अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन वाय.डी.सी. तथा तर्पण मुक्तिधाम पर्यावरण सेवा संरक्षण परिषद के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी पहल की गई।

कार्यक्रम के अंतर्गत जामुल मुक्तिधाम मार्ग स्थित ढऊर तालाब पार क्षेत्र में नीम एवं गुलमोहर के पौधे रोपे गए। इन पौधों की सुरक्षा हेतु एक अभिनव विचार को साकार करते हुए मृतकों को मुक्तिधाम तक लाने के लिए उपयोग में लाई गई बांस की अर्थियों से ट्री गार्ड तैयार कर लगाए गए, जिससे पौधों को सुरक्षित वातावरण मिल सके और वे वृक्ष के रूप में विकसित हो सकें।

इस मौके पर संस्था के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से श्री बंशी साहू, विष्णु सिन्हा, ओमप्रकाश साहू, शत्रुघ्न साहू, संतोष चौरसिया, नूतन वर्मा, डॉ. सुखराम साहू, धर्मेंद्र वर्मा, हेमराम साहू, कृष्णा यादव और कैलाश निर्मलकर शामिल थे।

संस्था के डायरेक्टर एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री सरस बर्मन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ महतारी को नमन करते हुए प्रदेश में हरियाली और समृद्धि की कामना के साथ आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ परंपराओं के सम्मान को भी इस पहल से जोड़ा गया है, जो एक प्रेरणास्पद कदम है।

मानव अधिकारों के संरक्षण, युवाओं के विकास, पर्यावरण सुरक्षा, शिक्षा, सामाजिक न्याय और जनजागरूकता अभियानों के लिए कार्य करता है।

👉 YDC का उद्देश्य:

  1. मानव अधिकारों की रक्षा और उनके उल्लंघन के विरुद्ध आवाज उठाना।
  2. युवाओं को सशक्त बनाना – शिक्षा, नेतृत्व विकास और सामाजिक कार्यों के माध्यम से।
  3. पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए वृक्षारोपण, स्वच्छता और हरियाली अभियान।
  4. नशामुक्ति, बाल विवाह, लैंगिक समानता जैसे सामाजिक मुद्दों पर जनजागरूकता फैलाना।
  5. पीड़ितों को कानूनी सहायता और परामर्श देना।

👉 YDC की प्रमुख गतिविधियाँ:

  • मानवाधिकार विषयों पर कार्यशालाएँ और सेमिनार
  • पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण अभियान
  • गरीब और वंचित वर्ग के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सहायता कार्यक्रम
  • महिला और बाल अधिकारों के लिए प्रचार-प्रसार

👉 संगठन की विशेषताएं:

  • गैर-राजनीतिक और गैर-लाभकारी संगठन
  • युवा नेतृत्व पर आधारित ढांचा
  • स्थानीय, राष्ट्रीय और कभी-कभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक सहभागिता