KORBA में लीडरशिप समिट ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजन, शिक्षा में AI के प्रभाव

कोरबा: ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी, रायगढ़ द्वारा शनिवार, 25 मई 2025 को होटल गणेश इन, कोरबा में एक भव्य लीडरशिप समिट का आयोजन किया गया। इस समिट का मुख्य विषय था- “एआई-पावर्ड एजुकेशन”, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शिक्षा प्रणाली पर पड़ रहे प्रभावों और उसके भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

शाम 6 बजे से 9 बजे तक चले इस कार्यक्रम में कोरबा क्षेत्र के कुल 25 स्कूल और कॉलेजों के प्राचार्य बतौर प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस समिट का उद्देश्य शिक्षा जगत के नेतृत्वकर्ताओं के साथ मिलकर यह समझना था कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों को शिक्षा में शामिल कर छात्रों को अधिक सशक्त और तैयार किया जा सकता है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “एआई अब केवल भविष्य की बात नहीं रही, बल्कि यह वर्तमान का हिस्सा बन चुकी है, जो शिक्षा, मूल्यांकन और अधिगम के तरीकों को तेजी से बदल रही है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक शिक्षक की भूमिका को मजबूत करे, न कि उसे प्रतिस्थापित करे।”

दूसरे सत्र में ओपीजयू इनोवेशन सेंटर के सीईओ डॉ. दीपायन प्रियदर्शी ने “इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप” विषय पर प्रस्तुति दी। डॉ. प्रियदर्शी ने “इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप” (नवाचार एवं उद्यमिता) विषय पर एक ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में रचनात्मक सोच, जोखिम लेने की क्षमता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने वाले पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर जोर दिया।

सभी उपस्थित प्राचार्यों ने ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी की इस पहल की सराहना की और सुझाव दिया कि इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में भी नवीन विषयों पर आयोजित किए जाएं, जिससे स्कूल और कॉलेज के छात्रों को भी उभरती तकनीकों के बारे में जानकारी मिले और वे समय के साथ आगे बढ़ सकें।

कार्यक्रम का संचालन ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी की टीम द्वारा कुशलता से किया गया। यह समिट कोरबा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षिक आयोजन साबित हुआ और प्रतिभागियों में तकनीकी जागरूकता और सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत किया।

सामाजिक कार्यकर्त्ता राहुल मिश्रा द्वारा पद यात्रा कर फर्जी लोन, स्टम्प परीक्षण मांग, अवैध स्कूल संचालक पर CBI जांच की मांग ।

  1. मिनीमाता शासकीय गर्ल्स पॉलिटेक्निक कॉलेज राजनंदगांव छत्तीसगढ़ की HOD मृदुल रत्न चौरसिया के एक ही समय पर दो स्थान में होना भ्रष्टाचार की पूर्ण आशंका है जिस कारण HOD मृदुल रत्न चौरसिया की नियुक्ति पर जांच एवं बर्खास्त की मांग की गई ।
  1. छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा जिसका व्यवसाय कारण किया गया है एवं अवैध रूप से स्कूल का संचालन किया जा रहा है जिसका रूप ऊपर बार-बार प्रियंका मिश्रा जी द्वारा शिकायत देने पर शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मंत्री, जिला कलेक्टर द्वारा किसी प्रकार का कोई कार्यवाही न करने पर CBI जांच की मांग की गई है ।
    रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह द्वारा किसी भी शिकायत एवं ज्ञापन पर कार्यवाही न करने पर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के ऊपर CBI जांच की मांग एक प्रमुख मुद्दा है जिस पर फर्जी लोन, स्टम्प परीक्षण मांग, अवैध स्कूल संचालक पर CBI जांच की मांग ।

वित्तीय संस्थाओं द्वारा लोन को फर्जी लोन क्यों बोला है, कारण यह जो भी वित्तीय संस्थान, एनबीएफसी, मोबाइल एप्लिकेशन, लैंडिंग प्लेटफार्म या अन्य संस्थाओं द्वारा जो भी लोन प्रदान किया जाता है उसके पहले उधरकर्त्ता का आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक डिटेल, सिबिल स्कोर रिपोर्ट एवं अन्य केवाईसी दस्तावेज वित्तीय संस्थान द्वारा लिया जाता हैं । सिविल स्कोर निकालने से बैंकों को पता चल जाता है कि व्यक्ति ने पूर्व में और वर्तमान में किन-किन संस्थानों से लोन लिया है और उनकी EMI की राशि कितनी है, सब कुछ जानने के बाद भी बैंकों द्वारा वित्तीय संस्थाओं द्वारा लोगों को कर्ज दिया जाता है ।
• जब एनबीएफसी संस्थान, वित्तीय संस्थान, बैंक एवं लैंडिंग प्लेटफार्म के अन्य संस्थाओं को पता हैं की मैं महीने मे 100 रुपये कमाता हूँ, तो एनबीएफसी संस्थान, वित्तीय संस्थान, बैंक एवं लैंडिंग प्लेटफार्म के अन्य संस्थाओं कमाई से अधिक की EMI का लोन क्यू किया जाता हैं ?
• क्या यह एनबीएफसी संस्थान, वित्तीय संस्थान, बैंक एवं लैंडिंग प्लेटफार्म के अन्य संस्थाओं की सोची समझी चाल है कि लोग परेशान होगा अत्महत्या करे ?
• एनबीएफसी संस्थान, वित्तीय संस्थान, बैंक एवं लैंडिंग प्लेटफार्म के अन्य संस्थाओं द्वारा किस प्रकार लोगों को मानसिक रूप से परेशान कर EMI की वसूली की जाती है ।
• एनबीएफसी, वित्तीय संस्थान, बैंक, लैंडिंग प्लेटफार्म एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं द्वारा आरबीआई द्वारा बनाए गए दिशा निर्देश का पालन क्यों नहीं किया जाता है ? लोगों को मानसिक रूप से परेशान क्यों किया जाता है ? जिस कारण लोग आत्महत्या कर लेते इन आत्महत्या के पीछे बैंक जिम्मेदार है ।
मांग पत्र

  1. सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ में हो रहे स्टांप फ्रॉड की जांच की जाए ।
  2. यदि स्टांप पेपर सही तरीके से नहीं पटाया गया है, तो बैंकों के ऊपर कारवाही की जाये ।
  3. स्टांप पेपर प्रशिक्षण में किया जा रहे देरी देरी पर जिला पंजीयन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर व जिला राजस्व अधिकारी के ऊपर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए ।
  4. बैंक के रिकवरी एजेंट की गुंडागर्दी पर रोक लगाई जाए एवं वीडियो प्रस्तुत करने पर रिकवरी एजेंट के ऊपर तत्काल रूप से FIR दर्ज किया जाये ।
  5. भूपेश बघेल की सरकार द्वारा जिन भाई – बांधों को ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र दिया गया हैं उसके बाद बैंक कार्यवाही कर रहा है, उन बैंकों पर तत्काल रूप से कार्यवाही की जाए ।
  6. वित्तीय संस्थान, बैंकों व NBFC द्वारा 138 का केस पूर्णता जांच किया जाए ।
  7. सरफेसी एक्ट 2002 मे 2003 से लेकर अब तक जितने भी सरफेसी एक्ट 2002 के मामलों में आर्डर हो चुका है, उन सब मामलों में स्टांप पेपर परीक्षण किया जाये ।
  8. जब बात पब्लिक मनी का है, तो फिर सरकारी टेंडर पर हो रहे घोटालों पर जांच की जाये एवं जो सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाने का कार्य पर आजीवन कारावास दिया जाये ।
  9. जब छत्तीसगढ़ राज्य के अंदर वित्तीय संस्थान, बैंक एवं NBFC संस्था द्वारा अपना व्यापार किया जा रहा है, तो समाज कल्याण (CSR) के पैसे को छत्तीसगढ़ में ही दिया जाये ।
  10. प्रशाशनिक अधिकारी द्वारा जानबूझकर गलत आदेश पास करने पर तत्काल रूप से FIR दर्ज कार्यवाही की जाये ।
  11. जिन बैंकों ने गलत तरीके से लोन बाटा है, उन सभी संस्थाओं पर रिकवरी से रोक लगाया जाये ।
  12. लोन लेने के बाद जिन्होंने आत्महत्या किया है, उन बैंकों के रिकवरी एजेंट व बैंक प्रबन्धक पर FIR करे एवं आत्महत्या करने वाले लोगों के परिवारों को लोन से मुक्त किया जाये ।
  13. प्रमाण के आधार पर मैंने दस्तावेज़ देखा हैं जिस पर पंजाब नेशनल बैंक एवं AU स्माल फ़ाइनेंस बैंक द्वारा ग्राहको के फर्जी हस्ताक्षार कर उनकी संपत्ति पर कब्जा करने का षड्यंत्र किया है ।
  14. बैंकों द्वारा गलत तरीके से लोन दिए जाने पर बैंकों के ऊपर कारवाही कीया जाये ।
    ( वित्तीय संस्था एवं बैंक वाले लोन देने से पहले आधार कार्ड पैन कार्ड के माध्यम से सिविल स्कोर की जांच करते हैं, बैंक वालों को सब चीज का ज्ञान रहता है )
  15. 2007 के बाद समस्त गाड़ी सीज के मामलों पर कार्यवाही कर, बैंकों से 2007 से लेकर अभी तक कितनी गाड़ियों सीज किया गया है उन सभी की जांच की जाये (माननीय सुप्रीम कोर्ट एवं उच्चन्यायालय के आर्डर का पालन न किया गया हो )उन सभी वित्तीय संस्थान एवं NBFC संस्थान पर कार्रवाही की जाये ।
  16. शासकीय नहर के ऊपर कब्जा कर घर बनाये जाने पर तत्काल रूप से कार्यवाही ।
  17. बलौदाबाजार स्थित धमलपुरा गांव के समस्त किसानों का जमीनी कागजाज्त जो सेठ साहूकारों ने अंग्रेजों जैसे नियम अंतर्गत जमा कर रखा है, उन्हें वापस किया जाए ।
  18. राजस्व को हानि पहुंचाने के उद्देश्य किए जाने वाले कार्य पर
    जैसे :-खराब सामग्री का इस्तेमाल कर अंडर ब्रिज, ओवर ब्रिज व रोड का बनाया जाना एवं रोड बनने के तुरंत बाद नगर निगम द्वारा रोड खुलवा देना जिस रोड को बनाने के लिए बार-बार टेंडर पास कर भ्रष्टाचार करना । (ठेकेदार वह अधिकारी के ऊपर तत्काल रूप से फिर कार्यवाही किया जाये )
  19. बैंकिंग लोकपाल द्वारा अपने कर्तव्य से बचने के लिए झूठी जानकारी देने पर बैंकिंग लोकपाल के ऊपर FIR दर्ज करना ।
  20. लोक सेवक द्वारा अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए गलत जानकारी देने पर FIR दर्ज किया जाये ।
  21. सरफेसी एक्ट 2002 नामक काले कानून को खत्म किया जाये एवं लोकसभा व राज्यसभा मे पास किये गये हैं, तो वोटिंग प्रक्रिया के विडियो दिये जाये ।
  22. 1 जनवरी 2020 से लेकर अभी तक भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कमी किए जाने पर बैंक, NBFC एवं वित्तीय संस्थाओं ने ब्याज दर कम किया है, इसकी जानकारी प्रदान करें ।
  23. जिस प्रकार हम लोगों से 3 महीने यदि EMI नहीं दिये गये तो एक साथ पूरे पेमेंट का भुगतान व्याज के साथ लिया जाता है, उसी प्रकार सहारा इंडिया, पल्स ग्रीन एवं अन्य संस्थाओं में जो जनता के पैसे फंसे हुए हैं वह भी व्याज के साथ एक बार में दिये जाये ।
  24. सरफेसी एक्ट 2002 एवं जिन मामलों में बैंक के द्वारा जानबूझकर त्रुटि कर दस्तावेज को प्रस्तुत किया गया है उन सब मामलों में उसे उधर करता का लोन माफ किया जाना चाहिए ।
  25. टोल सर्विस नियम अनुसार कुम्हारी (दुर्ग) टोल प्लाजा अवैध है, उसे तत्काल रूप से हटाया जाये ।
  26. सहारा इंडिया, पल्स ग्रीन एवं अन्य संस्थाओं में जो जनता के पैसे फंसे हुए हैं वह भी व्याज के साथ एक बार में दिये जाये ।
  27. माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार नेशनल हाईवे से 500 मीटर दूर एवं बस्तियों जिसमे 20 हजार या उससे अधिक लोगो की हैं उससे 220 मीटर दूर शराब दुकान होना चाहिए जो इन नियमों का पालन नहीं करता है, उन शराब दुकानों को तत्काल रूप से बंद किया जाए ।
  28. प्रशासन द्वारा जांच किया जाए की जो रिकवरी एजेंसी एवं उसमें कार्य कर रहे रिकवरी एजेंट का पुलिस वेरीफिकेशन हुआ है या नहीं इसकी जांच करवा कर एक हफ्ते के भीतर जानकारी प्रदान किया जाये ।
  29. PMO portal व CPGRAMS portal के जांच अधिकारी जिन्होंने सही जांच नही किया हैं उनके ऊपर तत्काल रूप FIR किया जाये ।
  30. फ्लोरा मैक्स (कोरबा )घोटाले की CBI जांच की जाए ।
  31. समूह लोन की जांच की जाये क्या सच मे लोगो को समूह लोन दिया गया हैं ? जब तक जांच पूरी ना हो तक लोन की रिकवरी ना की जाये ।
  32. नेशनल हाइवे, हाइवे, रिंग रोड मे चल रहे शराब दुकानों को तत्काल रूप से बंद किया जाए ।
  33. हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के अंदर बिना मानक पूर्ण स्कूल संचालक को तत्काल रूप से बंद किया जाए ।
  34. एक-दो रूम में संचालित किया जा रहे स्कूलों को तत्काल रूप से बंद किया जाये, क्योंकि ऐसी जगह पर बच्चों का मानसिक विकास नहीं हो सकता एवं खेलने कूदने की व्यवस्था नहीं होती ।
  35. यदि छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा मंत्री बिना मानक पूर्ण किये जाने वाले अवैध स्कूल संचालक को बंद नहीं कर सकता है,तो उन सभी स्कूलों में हर कक्षा में 20-20 बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जाए ।
  36. स्कूल की सामग्री टाई, बेल्ट, जूता, मोजा, किताब, पालक स्वतंत्र रूप से अपने व्यय को देखते हुये ले सकते हैं, यदि कोई स्कूल संचालन दवाब डालता हैं, तो स्कूल की मान्यता को खत्म करे ।
  37. हर शिक्षण संस्थानों पर शिक्षकों के योग्यता परीक्षण को किया जाये ।
  38. छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत शिक्षक भर्ती न होने के कारण 4000 सरकारी स्कूल बंद की जा रही है उन स्कूलों में तत्काल रूप से शिक्षक भर्ती कर सभी 4000 स्कूलों को निरंतर रूप से संचालित किया जाए ।
  39. जिला शिक्षा अधिकारी एवं रायपुर जिला कलेक्टर के ऊपर तत्काल रूप से कार्यवाही की जाए ।

महापरिवर्तन जनआंदोलन के बैनर के नीचे पांच सूत्रीय मांग को लेकर दिया जा रहा धरना ।

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महाआंदोलन जनपरिवर्तन के बैनर तले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के धरना स्थल तूता में डॉ.प्रियंका मिश्रा एवं उनके सहयोगी द्वारा पिछले चार दिनों से छत्तीसगढ़ शासन से जनसरोकार के पांच सूत्र मांगों को लेकर धरने पर बैठी हुई है जिनका मुख्य मांग है अवैध स्कूल संचालन, शराबबंदी, पूर्ण रोजगार, कर्ज माफी एवं महिला उत्पीड़न को खत्म करना ।

प्रशासन से पांच मांग – अवैध स्कूल संचालन बंद किया जाए ,महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान महिला उत्पीड़न बंद किया जाए, पूर्ण रूप से शराब बंदी की जाए, फर्जी तौर से दिए लोन को माफ किया जाए, छत्तीसगढ़ के प्रदेश के युवाओं को रोजगार देकर मुख्य धारा से जोड़ा जाए।

महापरिवर्तन जनआंदोलन के अथक प्रयास का नतीजा था कल 1 मई मजदूर दिवस के दिन गुरुवार को लगभग 5000 से अधिक लोग तूता धरना स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर जनआंदोलन को महाआंदोलन का रूप दिया ।

दीपका भू-विस्थापितों की हड़ताल को उमागोपाल कुमार का समर्थन, उठी न्याय की आवाज ।


दीपका, ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति द्वारा 16 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित हड़ताल ने दीपका और आसपास के क्षेत्रों में एक नई हलचल पैदा कर दी है। यह हड़ताल एस.ई.सी.एल. की परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन से विस्थापित समुदायों के रोजगार, मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन की अनसुनी माँगों को लेकर आयोजित की जा रही है। इस आंदोलन को और मजबूती देते हुए स्थानीय निवासी उमागोपाल कुमार ने एक समर्थन पत्र जारी कर समिति के साथ अपनी एकजुटता जताई है, जिसने लोगों में न्याय की उम्मीद जगा दी है।
उमागोपाल कुमार ने अपने समर्थन पत्र में लिखा, “एस.ई.सी.एल. की परियोजनाओं ने स्थानीय समुदायों से उनकी जमीन, आजीविका और पारंपरिक अधिकार छीन लिए, लेकिन बदले में उन्हें उचित पुनर्वास और रोजगार नहीं मिला। यह हड़ताल विस्थापितों की पीड़ा और उनके हक की पुकार है। मैं समिति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूँ।” उनके इस कदम को क्षेत्रवासियों ने एक साहसी और प्रेरणादायक पहल बताया है।
समिति की माँगें स्पष्ट और कानून-सम्मत हैं। पहली माँग है कि भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत विस्थापितों को रोजगार, मुआवजा और बुनियादी सुविधाएँ दी जाएँ। समिति का कहना है कि कोल इंडिया की मौजूदा नीति इस कानून के सामने अप्रासंगिक है, और कोल बेयरिंग एरिया एक्ट, 1957 के तहत हुए अर्जन पर भी केन्द्रीय कानून लागू होना चाहिए। दूसरी माँग हाईकोर्ट के आदेश के पालन की है, जिसमें 2012 से पहले अर्जित भूमि के छोटे खातेदारों और अर्जन के बाद जन्मे युवाओं को रोजगार देने और रैखिक संबंध की शर्त हटाने की बात कही गई है।
स्थानीय लोगों में इस हड़ताल को लेकर उत्साह है। एक प्रभावित किसान ने कहा, “हमारी जमीन गई, लेकिन हमें न नौकरी मिली न सम्मान। यह हड़ताल हमारी आवाज को दिल्ली तक ले जाएगी।उमागोपाल कुमार के समर्थन ने इस आंदोलन को और बल दिया है। एक युवा ने बताया, “उमागोपाल” जी का साथ हमें हिम्मत देता है। यह सिर्फ हड़ताल नहीं, हमारे भविष्य की लड़ाई है।


16 अप्रैल की हड़ताल दीपका और आसपास के विस्थापित समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है। यह न केवल उनकी अनसुनी माँगों को सामने लाएगी, बल्कि नीतिगत बदलाव की दिशा में भी एक बड़ा कदम हो सकती है।

उमागोपाल कुमार का समर्थन इस बात का प्रतीक है कि एकजुटता और साहस के साथ उठाई गई आवाज को अनदेखा करना मुश्किल है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह हड़ताल विस्थापितों के लिए कितना बड़ा बदलाव ला पाएगी।

एक व्यक्ति फर्जी पत्रकार बन राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारियों की झूठी शिकायतों से कर रहा ब्लैकमेल, पत्रकारों के एक दल ने की राजधानी के S.P से मुलाकात और की कार्यवाही की मांग..

एक अपराधिक दिमाग और शातिर चालबाज व्यक्ति अकलेश खटोड़ उर्फ अखिलेश जैन नामक व्यक्ति जिसे पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों सहित भाषा, वाक्य विन्यास और व्याकरण सहित शुद्ध हिंदी का ज्ञान तक नहीं है वह व्यक्ति छत्तीसगढ़ शासन, जिला एवं पुलिस प्रशासन से बतौर पत्रकार और ब्यूरो चीफ बन एक मीडिया संस्थान के नाम से पत्राचार एवं पत्रकारवार्ता कर रहा है । यह व्यक्ति आई. ए. एस., आई.पी. एस., राज्य प्रशासनिक सेवा, गणमान्य व्यापारी गणों एवं पत्रकारों के विरुद्ध तथ्यहीन, साक्ष्य हीन, झूठी तथा मनगढ़ंत शिकायतों द्वारा लोक सेवकों को गुमराह करने, लोक सेवकों को गलत निर्णय लेने एवं अनुचित तथा विधि विरुद्ध कार्य के लिए प्रेरित करने का अपराध कर रहा है । जो की भारतीय न्याय संहिता 2023 के अनुसार गंभीर अपराध है । पूर्व में भी राजधानी के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और व्यापारियों ने इसके विरुद्ध आवेदन प्रस्तुत किये है साथ ही पत्रकार वार्ता कर इसके काले कारनामों को उजागर किया है । पूर्व में भी अकलेश खटोड़ उर्फ अखिलेश जैन के काले कारनामों की शिकायत राज्य के मुख्यमंत्री से भी की गई थी ।

ये पहले राजधानी के एक बड़े बिल्डर की फर्म में नौकरी करता था । फिर उसी को ब्लेकमेल करने लगा । जिसकी भी शिकायत सामने आई थी । अब ये फर्जी पत्रकार बन कर पत्रकारों के विरुद्ध ही तथ्यहीन, साक्ष्य हीन, मनगढ़ंत और झूठा एक आवेदन भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी एक लिखित शिकायत की गई है कि यह सभी पत्रकार फिर से मेरे खिलाफ निराधार एवं झूठी खबर चला रहे हैं । जो की पूर्णतः निराधार है।

इन सभी विषयों को लेकर पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उम्मेद सिंह से मुलाकात की और आवेदन पत्र भी दिया है कि इसके विधि विरुद्ध किये जा रहें कृत्यों की विस्तृत जांच कर कड़ी कार्यवाही की जाये ।